illustration of hand with voting sign of India

पिछली बार के मुकाबले इस बार कुछ अलग ही लहर है जहाँ लोग असमंजस में हैं की किस आधार पर वोट करें। अब की बार भी चुनावी मुद्दे वही हैं जो हर बार होते हैं। धर्म आधार पर ये लड़ाई लड़ी जयेगी जिसमे मैंन टॉपिक होंगे ये 5।

1. 3 तलाक

ये वोही टॉपिक है जो सालो से चलता आ रहा है और इसको ख़तम करने में मोदी यानि बीजेपी का बहुत बड़ा हाथ है। क्यूंकि बाकि पार्टिया कहती तो हमेशा बहुत कुछ थी मगर किया कुछ सिर्फ बीजेपी ने ही है जो की बहुत ही अच्छी और मुस्लिम महिलाओ के हक़ की बात है।

triple talak

2. जम्मू कश्मीर

ये भी एक सबसे बड़ा मुद्दा है जो दशकों से चला आ रहा है। चाहे वो पुलवामा अटैक हो या आर्टिक्ल 370 ये हमेशा से ही चले चलते आ रहे हैं मगर इसका इलाज भी करने का दवा किया है बीजेपी ने। आगे देखते हैं क्या होता है मगर मुदा तो ये है और वोट की राजनीती इस्पे भी होगी।

jammu and kashmir

3. राम मंदिर

ये भी एक असा ही मुद्दा है जो बाबरी मस्जिद के टाइम से चलता चला आ रहा है। हर चीज का इलाज हो सकता है मगर ऐसा मुद्दा जिससे लोगों की आस्था जुडी हो उसका इलाज करना बहुत ही मुश्किल है।

ram mandir

4. किसान

किसान की हालत पे हर कोई टिप्पणी करना पसंद करता है मगर उसका इलाज करना किसी पार्टी के बसकी बात नहीं हुई।

farmer

5. विकास

ये तो सबको चाहिए मगर सिर्फ चुनावी मुद्दा बनके रह जाता है चाहे वो युवाओ के रोजगार की बात हो या बिसनेस आसान करने की। मगर ये सब भूलके आपस के चुनावी मैनिफेस्टो की बातो में उलझ कर रह जाता है।

development

देश का प्रधानमंत्री जो 900 मिलियन वोट्स के आधार पर चुना जायेगा। सभी पार्टियां इस चुनावी लड़ाई में जुट गयी हैं। जहाँ 2 बड़ी पार्टियां यानि कांग्रेस और बीजेपी अपने पुरजोर जोश पर हैं।

मगर वो कौन सी चीजे हैं जो आपको वोट करते समय अपने ध्यान में रखनी चाहिए। जो आपको स्मार्ट वोटर बनाती हैं?

कैंडिडेट के बारे में जानिए और कम्पेयर कीजिये की क्या वो आपकी उम्मीद के हीसाब से खरा उतरता है। उसका क्रिमिनल रिकॉर्ड और एजुकेशन जानिए। उसके बारे में जानकारी लीजीये टीवी, रेडियो, स्पीच, डिबेट के माध्यम से। किसी भी मुद्दे पर उनका पक्ष जानिए की वो किस तरफ रुझान रखते हैं। उनका बैकग्राउंड और लीडर बनने की क्षमता को जानिए फिर उसके बाद अपना वोट दीजिये।

ये हैं वो चुनावी मुद्दे जो होने चाहिए जिनके आधार पर वोट किया जाना चाहिए वो ये हैं।

रोजगार ( Employment )

रोजगार की कमी है। युवा पढ़े लिखे होने के बाद भी उनको रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगा लेना चाहिए की 25 मिलियन युवाओ ने 90,000 वेकेंसीज के लिए आवेदन किया है रेलवे डिपार्टमेंट में इस बार। तो इसी बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं की बेरोजगारी कितनी बढ़ गयी है और ये तो सरकारी विभाग है। प्राइवेट सेक्टर में तो हालत इससे भी बत्तर हो चुकी है जहाँ आपकी सैलरी भी कम होगी और काम भी ज्यादा होगा।

ऍफ़ड़ीआई ( FDI )

fdi graph from 2001 to 2017

जीडीपी ( GDP )

gdp graph of modi government

सच्चाई को जानिए

कोई भी परफेक्ट नहीं होता सभी पार्टिया अपने हित का सोचती हैं और हमारे पास ऑप्शन भी बोहोत ही कम हैं। तो हमें उसे चुनना होगा जो सबसे काम ख़राब होगा।

हर पार्टी के मैनिफेस्टो में जो भी वादे किये गए हैं हमें उनकी सच्चाई को पहले पता लगाना चाहिए। जैसे की राहुल गाँधी का साल में 72000 देने का वादा जो की बिलकुल भी प्रैक्टिकल नहीं है।

यहाँ हम बीजेपी की तरफ नहीं हैं बल्कि हम ये कहना चाहते हैं की हमें किसी भी वादे को प्रैक्टिकल होके सोचना चाहिए वोट करने से पहले।

congress_manifesto_vs_bjp_manifesto

हमें किसी एक व्यक्ति, जाती या परिवार के आधार पर वोट नहीं करना। अगर आपका कैंडिडेट अच्छा है लेकिन आपकी फेवरेट पार्टी का नहीं है तो भी आप उसे वोट कीजिये।

किस पार्टी ने कितना पैसा कहा खर्च किया ये जानने के बाद। इलेक्शन में बहुत पैसा खर्च होता है जो हमारे ही टैक्स का होता है तो सोच समझ कर वोट कीजिये क्यूंकि उसमें हमरा ही नुकसान है।

सबसे जरुरी हमें एक ऐसी पार्टी की तरफ जरूर ध्यान देना चाहिए जो देश हित में है क्यूंकि जो हमारे देश हित में न हो उसे चुनकर हम चाहें तो भी कुछ बदल नहीं सकते।